النظام السياسى لمجتمعات متغيرة /
في المجتمع البريتوري، لايقتصر التنوع على العاملين فحسب بل يشمل أيضاً الأساليب المتبعة لحديد المركز والسياسة. كل جماعة تستخدم طرائق تعكس طبيعتها وقدراتها الخصوصية. الأثرياء يرشون والطلاب يشاغبون والعمال يضربون والعامة يتظاهرون والعسكر يعدون الانقلابات وفي ظل غياب إجراءات متفق عليها تظل جميع الأشكال م...
| প্রধান লেখক: | |
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| অন্যান্য লেখক: | |
| বিন্যাস: | গ্রন্থ |
| ভাষা: | আরবি ইংরেজি |
| প্রকাশিত: |
بيروت :
دار الساقى،
1993.
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| সংস্করন: | ط. 1. |
| মালা: | الفكر الغربى الحديث.
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| বিষয়গুলি: | |
| অনলাইন ব্যবহার করুন: | http://dar.bibalex.org/webpages/mainpage.jsf?PID=DAF-Job:103725 |
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| সংক্ষিপ্ত: | في المجتمع البريتوري، لايقتصر التنوع على العاملين فحسب بل يشمل أيضاً الأساليب المتبعة لحديد المركز والسياسة. كل جماعة تستخدم طرائق تعكس طبيعتها وقدراتها الخصوصية. الأثرياء يرشون والطلاب يشاغبون والعمال يضربون والعامة يتظاهرون والعسكر يعدون الانقلابات وفي ظل غياب إجراءات متفق عليها تظل جميع الأشكال من الفعل المباشر قائمة على المسرح السياسي. |
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| দৈহিক বর্ননা: | 308 ص. ؛ 21 سم. |
| গ্রন্থ-পঞ্জী: | يشتمل على إرجاعات ببليوجرافية (ص. 287-305). |
| আইসবিএন: | 1855166011 |