أوامر الأداء فى ضوء أحكام القانون رقم 23 لسنة 1992 /
بدأ نظام أوامر الأداء نظاما جوازياً لاستيفاء الديون الثابتة بالكتابة والتى لاتجاوز النصاب النهائي للمحكمة الجزئية والتى تبعد عن أن تكون محل نزاع جدى لثبوتها بالكتابة ،ثم رأى المشرع جعله نظاما وجوبياً يتعين على الدائن الالتجاء إليه فى كل حالة تتوافر فيها شروط استصدار الأمر ،كما جعله نظاماً عاماً أيا...
Sparad:
| Huvudskapare: | |
|---|---|
| Materialtyp: | Bok |
| Språk: | arabiska |
| Publicerad: |
الأسكندرية :
دار الفكر الجامعي،
1996.
|
| Ämnen: | |
| Taggar: |
Lägg till en tagg
Inga taggar, Lägg till första taggen!
|
MARC
| LEADER | 00000nam a22000007a 4500 | ||
|---|---|---|---|
| 003 | INP | ||
| 005 | 20181119174846.0 | ||
| 008 | 180204s1996 ua ||||fr|||| 00| 0 ara d | ||
| 952 | |0 0 |1 0 |4 0 |6 346_000000000000000_ع_أ |7 0 |8 arabic_Boo |9 5449 |a INP |b INP |c MAIN |d 2018-04-26 |l 0 |o 346 ع أ |p 007679 |r 2022-03-28 00:00:00 |w 2018-04-26 |y BK |0 0 | ||
| 999 | |c 3861 |d 3861 | ||
| 040 | |a EG-INP |b ara |c EG-INP | ||
| 082 | 0 | 4 | |2 21 |a 346 |b ع أ |
| 100 | 1 | |a المنشاوي، عبد الحميد. | |
| 245 | 1 | 0 | |a أوامر الأداء فى ضوء أحكام القانون رقم 23 لسنة 1992 / |c عبد الحميد المنشاوي. |
| 260 | |a الأسكندرية : |b دار الفكر الجامعي، |c 1996. | ||
| 300 | |a 196 ص. ؛ |c 24 سم. | ||
| 520 | |a بدأ نظام أوامر الأداء نظاما جوازياً لاستيفاء الديون الثابتة بالكتابة والتى لاتجاوز النصاب النهائي للمحكمة الجزئية والتى تبعد عن أن تكون محل نزاع جدى لثبوتها بالكتابة ،ثم رأى المشرع جعله نظاما وجوبياً يتعين على الدائن الالتجاء إليه فى كل حالة تتوافر فيها شروط استصدار الأمر ،كما جعله نظاماً عاماً أيا كان مقدار الدين. | ||
| 650 | 7 | |a القانون المدني. |2 qrmak | |
| 650 | 7 | |a القانون. |2 qrmak | |
| 650 | 7 | |a الدستور. |2 qrmak | |
| 653 | 0 | |a أحكام الأداء. | |
| 901 | |a EGPV10 | ||
| 902 | |a EGPV2 | ||
| 903 | |a original | ||
| 942 | |2 ddc |c BK | ||